Breaking News
बिहार में अब जमीन दलालों की खैर नहीं: सरकार ने हर अंचल कार्यालय में लगाए CCTV, सख्त कार्रवाई का एलान
राजद-जदयू विवाद: नीरज कुमार ने सुनील कुमार सिंह पर जमकर साधा निशाना, शराब और इलेक्ट्रॉल बांड पर घेरा
दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौट आई, सभी यात्री सुरक्षित
बिहार विधानसभा में विधायक निधि बढ़ाने को लेकर हंगामा: सत्ता और विपक्ष एकजुट, सदन में देर तक नारेबाजी
बजट सत्र के 15वें दिन सदन में हंगामा: अपराध पर घिरी सरकार, जीआई टैग और छात्र योजनाओं पर भी गरमाई बहस
पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट पर अडानी की नजर: बिहार की ऊर्जा तस्वीर बदलने वाली योजना की आज करेंगे समीक्षा
बयानबाज़ी से गरमाया बिहार—तेजस्वी यादव बनाम मैथिली ठाकुर टकराव में ‘पुराना-नया बिहार’ की बहस फिर तेज
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने खुद का उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान, पांचवीं सीट के समीकरण बदले
मुजफ्फरपुर: 16 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने थाने में आत्मसमर्पण किया, इलाके में सनसनी
फुलवारी शरीफ छात्रा मौत मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की बहस तेज
पटना: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले- राजनीति में साजिशें आम हैं, मेरी हत्या की साजिश भी होती रही
लोकसभा स्पीकर पर घिरा विवाद: हटाने के प्रस्ताव से गरमाया बजट सत्र, जानिए क्या है संवैधानिक प्रक्रिया
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
ऐतिहासिक मजबूती: पटना हाईकोर्ट में पहली बार 46 जज एक साथ, लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद
- Reporter 12
- 27 Feb, 2026
पटना में न्याय व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलने जा रही है। पटना हाईकोर्ट पहली बार 46 न्यायाधीशों की बड़ी कार्यशील संख्या के साथ काम करेगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होते ही हाईकोर्ट अपने स्वीकृत 53 पदों के मुकाबले लगभग 87 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेगा, जो इसके इतिहास का अब तक का सबसे मजबूत न्यायिक ढांचा माना जा रहा है।यह फैसला ऐसे समय आया है जब वर्ष 2026 में तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने का कार्यक्रम तय है। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू जून में, न्यायाधीश नवनीत कुमार पांडेय फरवरी के अंत में और न्यायाधीश बिबेक चौधरी अक्टूबर में सेवानिवृत्त होंगे। नई नियुक्तियों से न्यायालय के कामकाज पर संभावित दबाव को पहले ही संतुलित कर दिया गया है, जिससे लंबित मामलों की सुनवाई की गति प्रभावित नहीं होगी।कॉलेजियम की स्वीकृति पाने वाले अधिवक्ताओं में मो. नदीम सिराज, रंजन कुमार झा, कुमार मनीष, संजीव कुमार, गिरिजिश कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार, राणा विक्रम सिंह और विकास कुमार शामिल हैं। विधि जगत में इसे “ज्यूडिशियल बूस्ट” के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से जजों की कमी के कारण मामलों के निष्पादन की रफ्तार प्रभावित होती रही है।नई नियुक्तियों की खबर सामने आते ही बार और कानूनी समुदाय में उत्साह का माहौल है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा समेत कई वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों ने इसे न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला निर्णायक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग पूर्ण क्षमता के साथ काम करने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, सुनवाई की प्रक्रिया अधिक सुचारू होगी और आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत होगी।यह नियुक्ति श्रृंखला न केवल संस्थागत दृष्टि से ऐतिहासिक मानी जा रही है, बल्कि इसे बिहार की न्याय प्रणाली में दक्षता, स्थिरता और गति लाने वाला एक निर्णायक मोड़ भी माना जा रहा है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







